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Friday, January 3, 2014

2013 क्या आंदोलनो का अंतिम वर्ष था ?जन -संघर्ष और आंदोलन तो अब सत्तारूढ़ हो गए हैं । सड़क का विरोध और संघर्ष तो रामलीला मैदान से लुटियन जोन में पहुँच गया है । मुझे तो लोकतंत्र के लिए असली खतरा अब नज़र आ रहा है । आम आदमी पार्टी के खिलाफ लड़ने की जिम्मेवारी क्या कांग्रेस या भाजपा पर छोड़ी जा सकती है? वक़्त की जरूरत है कि गैर- कांग्रेसी ,गैर- भाजपाई और गैर- आपाई विपक्ष भी खड़ा किया जाए । कांग्रेस या भाजपा "आप" का विरोध नहीं हो सकतीं । केवल सदन का विपक्ष लोकतंत्र को ज़िंदा नहीं रख सकता । विपक्ष सड़क पर चाहिए और वह भी हरदम ।

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